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फिक्स्ड डिपॉज़िट - ब्याज दर

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Fixed Deposits

अनिश्‍चित आय के इस दौर में परिवार के आर्थिक रूप से चिंतामुक्‍त जीवन की योजना के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट्स सबसे पसंदीदा बैंकिंग इंस्ट्रूमेंट बन गए हैं. इसीलिए महिंद्रा फायनांस की फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम को खास तौर पर रचा गया है ताकि आपको इस कम जोखिम वाले निवेश के साथ ऊँची स्पर्धात्मक ब्याज दरों पर गारंटीशुदा प्रतिफलों का विश्‍वास मिल सके. हम वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए 5 साल पर क्युमुलेटिव डिपॉजिट के लिए 10.35% प्र.व. तक प्रदान करते हैं. हमारे ब्याज दर की विस्तृत रूपरेखा नीचे दी गई है.

  • ब्याज दर

संचयी योजना

Rates w.e.f 16th January 2017.

(रु.) अवधि(महीने) देय राशि (रु.) ब्याज प्र.व. */‡ प्रभावी आय प्र.व. **
5000 /- 12 5375 7.50% 7.50%
18 5577 7.50% 7.69%
24 5778 7.50% 7.78%
36 6220 7.55% 8.13%
48 6690 7.55% 8.45%
60 7195 7.55% 8.78%

*/‡ # Please refer to FD Applications


गैर संचयी योजना

अवधि(महीने) ब्याज प्र.व.*#/‡ (अर्द्धवार्षिक) ब्याज प्र.व.*#/‡(तिमाही)
12 7.35% 7.30%
24 7.35% 7.30%
36 7.40% 7.35%
48 7.40% 7.35%
60 7.40% 7.35%
न्यूनतम राशि Rs. 25,000/- 50,000/-

*/‡ # Please refer to FD Applications

नोट:

  • Rates w.e.f. 16th Jan 2017
  • Note: * Senior Citizen will get an additional rate of 0.25% p.a .
  • ‡Employees / Employees’ relatives will get an additional rate of 0.35% p.a. (all Mahindra Group Company Employees).  Government approved relationship proof documents to be furnished. Employee must be the second applicant. 0.35% additional interest rate is not applicable for Special Cumulative Schemes.
  • †Additional amount will be accepted in multiples of Rs. 1,000/-
  • #Interest Payment Half Yearly on 30th. September and 31st. March only through NECS/NEFT. Interest Payment Quarterly on 30th.June, 30th.September, 31st.December and 31st.March only through NECS/NEFT.
  • The minimum investment amount for Mahindra Group employees /relatives  will be Rs.1000 & multiple Rs.500 thereafter .
  • **Compounded Annually

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फॉर्म 15 जी और 15 एच में क्या अंतर है?

फॉर्म 15 जी उन निवासियों के लिए है जो 65 वर्ष से कम उम्र के हैं। 15 एच उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए है जो वित्त वर्ष में 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के हैं।

उपलब्ध डिपॉज़िट्स की योजनाएं क्या हैं?

डिपॉज़िट्स पर संचयी के साथ-साथ गैर-संचयी योजनाएं उपलब्ध हैं।

गैर संचयी और संचयी डिपॉज़िट्स में क्या अंतर है?

एक "गैर संचयी योजना' में ब्याज़ का भुगतान छमाही आधार पर किया जाता है। यह योजना उन पेंशनधारियों के लिए सुविधाजनक है जिन्हें आवधिक ब्याज़ के भुगतान की ज़रूरत है। "संचयी डिपॉज़िट योजना' में ब्याज का भुगतान मैच्योरिटी पर मूलधन के साथ किया जाता है। यह योजना उन लोगों के लिए सही है जिन्हें आवधिक ब्याज़ के भुगतान की ज़रूरत नहीं है और इसे मनी मल्टीप्लायर योजना के रूप में माना जा सकता है।

संचयी योजना के मामले में मैच्योरिटी की तिथि तक हर वित्तीय वर्ष के अंत में ब्याज़ उपार्जित किया जायेगा।

संचयी डिपॉज़िट और गैर संचयी डिपॉज़िट योजनाओं में न्यूनतम डिपॉज़िट राशि क्या है?

संचयी डिपॉज़िट योजना के तहत न्यूनतम डिपॉज़िट राशि है रु। 5,000/- और गैर संचयी डिपॉज़िट योजना के तहत न्यूनतम डिपॉज़िट राशि है रु। 25,000/-छमाही और रु। 50,000/- तिमाही।

डिपॉज़िट के लिए मैं राशि कैसे जमा कराऊं?

यह राशि महिन्द्रा फायनांस -फिक्स्ड डिपॉजिट के पक्ष में चेक/डीडी के द्वारा एचडीएफसी बैंक के किसी कलेक्शन सेंटर में जमा किया जा सकता है। विकल्प के रूप में जमाकर्ता डीडी मुम्बई के कॉर्पोरेट ऑफिस में देय कर भेज सकता है।

डिपॉज़िट करने के लिए क्या कोई निर्धारितफॉर्म है?

हाँ। विभिन्न कम्पनियों के निर्धारित फॉर्म पर डिपॉज़िट करने के लिए आवेदन किया जाना चाहिए।

यदि किसी अवयस्क के अभिभावक जीवित नहीं हैं तो संरक्षक किसे माना जायेगा?

योग्य अदालत द्वारा नियुक्त व्यक्ति ही आवेदन पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। अदालत की एक प्रति हमें सौंपी जानी चाहिए।

क्या किसी अवयस्क अकेले के नाम डिपॉज़िट किया जा सकता है?

हाँ। आप अकेले किसी अवयस्क के नाम डिपॉजिट कर सकते हैंय़ इसके अलावा अवयस्क के साथ एक या दो व्यक्तियों के साथ मिलकर डिपॉज़िट करने का भी विकल्प है। किसी अवयस्क के मामले में अवयस्क की जन्मतिथि डिपॉज़िट आवेदन फॉर्म में दिखाये गये स्थान में देना ज़रूरी है। हिन्दुओं के मामले में आवेदन फॉर्म पर अवयस्क के पिता या माता का हस्ताक्षर ज़रूरी है। यदि अवयस्क मुस्लिम धर्म का है तो आवेदन फॉर्म पर संरक्षक के रूप में सिर्फ पिता को हस्ताक्षर करना होगा।

क्या कोई पॉवर ऑफ अटॉर्नी (पीओए) होल्डर डिपॉज़िट आवेदन फॉर्म पर हस्ताक्षर कर सकता है?

हां, डिपॉज़िटर को पॉवर ऑफ अटॉर्नी की एक प्रति प्राप्त कर जमा करना होगा।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए क्या अतिरिक्त ब्याज़ दर है?

हां, वरिष्ठ नागरिकों को 0.25% वार्षिक का अतिरिक्तब्याज दर दिया जायेगा।

क्या ज्वाइंट अकाउंट रखा जा सकता है?

हां, अधिकतम तीन लोगों का ज्वाइंट अकाउंट खोला जा सकता है जो "किसी एक या जीवित' या "नं. 1 या जीवित' के नाम देय होगा। कोई एक या जीवित(ए या एस)- मैच्योरिटी पर डिपॉज़िट रसीद किसी भी डिपॉज़िटर द्वारा डिस्चार्ज किया जा सकता है। अलबत्ता प्रीमैच्योर पेमेंट और लोन के लिए सभी डिपॉज़िटरों के हस्ताक्षर की जरूरत होगी।

क्या कोई ट्रस्ट एफडी में निवेश कर सकता है?

हां, एक नॉन चैटिरेबल रजिस्टर्ड ट्रस्ट एफडी में निवेश कर सकता है।

क्या कोई कम्पनी एफडी में निवेश कर सकती है?

हां, एक कम्पनी एफडी में निवेश कर सकती है।

डिपॉज़िट के लिए क्या कोई दलाली/प्रेरणा (इंसेंटिव) हैं?

नहीं डिपॉज़िट के लिए कोई दलाली या प्रेरणा नहीं हैं।

क्या आप एक/दो वर्षों के डिपॉज़िट पर मासिक ब्याज का ऑफर देते हैं?

नहीं। ब्याज़ सिर्फ तिमाही और छमाही आधार पर देय है।

ब्याज के भुगतान के तरीके क्या हैं ?

ब्याज़ ईसीएस के ज़रिये सीधे बैंक खाते में क्रेडिट कर दिया जाता है।

किस बैंक पर आपका इंट्रेस्ट वारंट आदेशित होता है?

सभी इंट्रेस्ट वारंट एचडीएफसी बैंक, मुम्बई पर आदेशित होते हैं जो भारत में एचडीएफसी की सभी शाखाओं पर बिना किसी शुल्क के ऍट पार देय हैं।

क्या आप दूसरे डिपॉज़िटर के पक्ष में इंट्रेस्ट वारंट भेज सकते हैं?

नहीं, ब्याज का भुगतान सिर्फ पहले डिपॉज़िटर को किया जायेगा।

गैर-संचयी योजना में ब्याज़ कब क्रेडिट किया जायेगा?

नॉन-संचयी योजना में ब्याज एफडी की अवधि के दौरान हर वित्तीय वर्ष में 30 जून, 30 सितम्बर, 31 दिसम्बर और 31 मार्च को क्रेडिट किया जायेगा।

यदि ब्याज की मौजूदा दर कम हो गई तो क्या होगा?

इसका किसी भी तरह का कोई असर नहीं होगा क्योंकि वर्तमान नियम के अनुसार हम मैच्योरिटी तक कांट्रैक्ट में निर्धारित दर से भुगतान करने के लिए ही प्रतिबद्ध हैं।

यदि ब्याज की मौजूदा दर ऊपर चली गई तो?

निर्णय पूरी तरह भारतीय रिज़र्व बैंक के निर्देशों के अनुसार होगा। यदि भारतीय रिज़र्व बैंक यह निर्देश देता है कि वृद्धि एक विशिष्ट समय से प्रभावी मानी जायेगी , तो इसे तत्काल नहीं किया जायेगा। संशोधित दर सिर्फ नये डिपॉज़िट और नवीनीकरण पर लागू होगा। बहरहाल यदि आरबीआई का निर्देश हुआ तो संशोधन का लाभ मौजूदा डिपॉज़िटरों को "प्रीमैच्योर रिन्युअल' की प्रक्रिया के द्वारा दिया जायेगा।

स्रोत पर ब्याज से आयकर कब काटा जाता है?

यदि डिपॉज़िट पर भुगतान किये जाने वाले/क्रेडिट किये जाने वाले या भुगतान किये जा सकने वाले/क्रेडिट किये जा सकने वाले अनुमानित वार्षिक ब्याज के रु. 5000 या उससे अधिक होने की संभावना हो, तो कर काटने वाले के लिए के लिए यह ज़रूरी है कि वह स्रोत पर ही आयकर काटे । बहरहाल कर काटने से बचने के लिए निवेशक फॉर्म 15जी/एच में स्वत: घोषणा करने वाला या छूट प्रमाणपत्र जमा कर सकता है।

क्या आप नामों के उसी ऑर्डर में एक से अधिक खाता खोल सकते हैं?

नहीं। आयकर की गणना के उद्देश्य से एक ही नाम से या एक ही ऑर्डर में नामों (ज्वाइंट डिपॉज़िट के मामलों में) वाले सभी खातों को एक ही साथ कर देना ज़रूरी है।

फॉर्म 15 जी और फॉर्म 15 एच क्या हैं और उन्हें मैं कहां से प्राप्त कर सकता हूं?

फॉर्म 15जी/15एच डिपॉज़िटर द्वारा स्वत: घोषणा करने वाला फॉर्म है जिसे कम्पनी से प्राप्त किया जा सकता है या कम्पनी के वेबसाइट से डाउनलोड भी किया जा सकता है। इस स्वतः उद्घोषणा पर किसी के स्त्यापन की ज़रूरत नहीं है सिवाय बायें अंगूठे की छाप के मामले में जिसका सत्यापन किसी गज़टेड अधिकारी /बैंक अधिकारी से कराना ज़रूरी है। चूंकि इसकी एक प्रति हमारे फाइल में रखी जायेगी और एक प्रति आयकर विभाग को भेजी जायेगी, इसलिए इसकी दो प्रतियां जमा कराने की ज़रूरत है। मार्च में हम फॉर्म 15जी/15एच भेज देंगे और जमाकर्ता के लिए ज़रूरी है कि पूरी तरह भरे हुए और पहले डिपॉज़िटर के हस्ताक्षर के साथ इस फॉर्म की दो प्रतियां वापस भेज दे। फॉर्म 15जी/15एच जमाकर्ता को पूरे वित्तीय वर्ष के लिए देय अनुमानित ब्याज़ के आधार पर भेजा जाता है और इस अनुमान की गणना 31 मार्च को की जाती है। फॉर्म 15जी में घोषणा किसी व्यक्ति (कोई कम्पनी या फर्म नहीं) द्वारा की जाती है, यानी कोी कम्पनी या फर्म फॉर्म 15जी में घोषणा नहीं कर सकता है। फॉर्म 15एच में घोषणा सिर्फ ऐसे व्यक्ति कर सकते हैं जो वित्तीय वर्ष में 60 वर्ष या उससे अधिक की उम्र के हैं (फायनांस ऍक्ट, 2012 द्वारा आरंभ हुए और 01-07-2012 से प्रभावी)। आरबीआई के निर्देश के अनुसार डिपॉज़िट के नवीनीकरण की तिथि से तीन महीने के अंदर डिपॉज़िट से कोई निकासी नहीं की जा सकती है।

डिपॉज़िट करते समय क्या एक बार फॉर्म जमा करना काफी नहीं है?

नहीं। चूंकि आयकर कानून में बदलाव आ सकते हैं, हर वित्तीय वर्ष के आरंभ में फॉर्म 15जी/15एच जमा करना ज़रूरी है।

स्रोत पर आयकर काटने पर आपको किस प्रकार का प्रमाणपत्र मिलता है और यह प्रमाणपत्र किस तरह तैयार होता है?

स्रोत पर आयकर काटने के लिए निर्धारित फॉर्म 16ए में एक कॉसोलिडेटेड टैक्स डिडक्शन सर्टिफिकेट, सरकार को प्रेषित ब्याज आदि का विवरण के साथ, हर वर्ष अप्रैल के दूसरे/तीसरे सप्ताह के दौरान भेजा जायेगा।

कर के डिडक्टर द्वारा टीआईएन (टैक्स इनफॉर्मेशन नेटवर्क) में भरे गये तिमाही टीडीएस स्टेटमेंट के आधार पर तिमाही में फॉर्म नं। 16ए के रूप में टीडीएस प्रमाणपत्र तैयार किया जाता है। 01.04.2011 को या उसके बाद स्रोत पर कायकर काटे जाने के लिए , फॉर्म 16ए के रूप में टीडीएस प्रमाणपत्र कम्पनी द्वारा टीआईएन सेंट्रल सिस्टम के ज़रिये तैयार किया जायेगाऔर जिसे टीआईएन वेबसाइट से एक यूनिक टीडीएस सर्टिफिकेट नम्बर की सहायता से डाउनलोड किया जायेगा और डिजिटल हस्ताक्षर का प्रयोग करते हुए उसे अधिप्रमाणित किया जायेगा।

यदि फॉर्म 15जी/एच जमा कराया जाये तोक्या आयकर विभाग की तरफ से सवाल पूछे जायेंगे?

चूंकि फॉर्म 15जी/15एच की एक प्रति आई.टी.ओ. को भेजने की ज़रूरत होती है, इसलिए यह संभव है कि आई.टी.ओ. को जब ज़रूरी लगेगा, वह कुछ सवाल पूछ सकता है।

वेतनभोगी व्यक्तियों के मामले में, आयकर वेतन से स्रोत पर काटा जाता है, क्या वे फॉर्म 15जी/15एच जमा कर सकते हैं?

नहीं, चूंकि वह कर निर्धारिती (assessee) है, फॉर्म 15जी/15एच जमा नहीं कराया जा सकता है।

यदि पैसे की कोई तत्काल ज़रूरत हुई तो क्या डिपॉज़िट से निकासी की जा सकती है?

आरबीआई के निर्देश के अनुसार डिपॉज़िट के नवीनीकरण की तिथि से तीन महीने के अंदर डिपॉज़िट से कोई निकासी नहीं की जा सकती है।

3 महीने के बाद क्या डिपॉजिट से निकासी की जा सकती है?

हां। भारतीय रिज़र्व बैंक के निर्देशों और कम्पनी की शर्तों व अनुबंधों के अनुसार डिपॉजिट/नवीनीकरण की तिथि से 3 महीने के अंदर प्रीमैच्योर निकासी हो सकती है।

क्या प्रीमैच्योर प्रक्रिया दूसरे और तीसरे डिपॉज़िटर के पक्ष में की जा सकती है?

नहीं, प्रीमैच्योर भुगतान सिर्फ पहले डिपॉज़िटर के पक्ष में ही किया जायेगा।

डिपॉज़िट का भुगतान क्या नकद रूप में किया जायेगा?

नहीं। डिपॉज़िट का भुगतान नकद रूप में नहीं किया जायेगा।

क्या आप भुगतान सीधे डिपॉजिटर के बैंक में भेज सकते हैं?

हाँ। जहाँ कोर बैंकिंग का विवरण मौजूद है वहाँ डिपॉज़िटर को सूचित करने के बाद एनईएफटी के ज़रिये भुगतान सीधे आपके बैंक में भेजा जा सकता है, जहाँ कोर बैंकिंग का विवरण मौजूद नहीं है वहां प्रक्रिया वारंट के जरिये पूरी की जाती है।

डिपॉज़िट पर क्या आप लोन की अनुमति दे सकते हैं?

आरबीआई के निर्देशों के अनुुसार डिपॉज़िट की तिथि से 3 महीनों के बाद डिपॉज़िट राशि का 75% तक लोन देने की अनुमति हमें है।

लोन पर लगाया जाने वाला ब्याज दर क्या है?

लोन के लिए ब्याज के कांट्रैक्टेड रेट से ऊपर 2% ब्याज लगाया जा सकता है।

यदि अकेले डिपॉज़िटर की मृत्यु हो जाती है तो किन दस्तावेज़ों की ज़रूरत होगी?

मृत्यु प्रमाणपत्र की एक सत्यापित प्रति, टर्म डिपॉज़िट रसीद, वसीयत या वसीयती व्यवस्था, यदि कोई हो तो, तहसीलदार/निगम द्वारा जारी किया गया कानूनन वारिसाना प्रमाणपत्र।

क्या आप एनआरआई डिपॉज़िट स्वीकार करते हैं?

नहीं, हम एनआरआई डिपॉज़िट स्वीकार नहीं करते हैं।

प्रीमैच्योर निकासी लेने की प्रक्रिया क्या है??

"किसी एफडी की प्रीमैच्योर निकासी की अनुमति अकेले कम्पनी के विवेक पर निर्भर करती है। आपात स्थितियों में प्रीमैच्योर निकासी की अनुमति दी जा सकती है और यह रु. 1 के रसीदी टिकिट के साथ पूरी तरह भरे एफडीआर अनुरोध पत्र और एक कैंसल की हुई चेक की प्रति के साथ जमा कराया जाना चाहिए। "

टीडीएस प्रमाणपत्र किस तरह तैयार व डिस्पैच किया जाता है?

फॉर्म नं.16 में टीडीएस प्रमाणपत्र टीआईएन वेबसाइट से तिमाही आधार पर तैयार किया जायेगा और पैन कार्ड प्राधिकारों के पास पंजीकृत और पैन के समय आपने जो आवेदन दिया था, उसमें दिये पते पर कम्पनी उसे भेज देगी। हम आपसे अनुरोध करेंगे कि यदि आपका संचार का वर्तमान पता पैन कार्ड के पते से अलग है तो एनएसडीएल या यूटीआईटीएसएल के ज़रिये अपना पता बदल दें वरना टीडीएस प्रमाणपत्र पैन कार्ड पते पर ही भेज दिया जायेगा, भले ही आपने कम्पनी में अपना पता क्यों न बदल दिया हो। आप टीडीएस जानकारी एनएसडीएल वेबसाइट https://incometaxindiaefiling.gov.in/portal/login.do पर सामान्य पंजीकरण के द्वारा एनएसडीएल वेबसाइट से (फॉर्म 26ए में)भी प्राप्त कर सकते हैं।

टीडीएस प्रमाणपत्र कब भेजा जायेगा?

टीडीएस प्रमाणपत्र तिमाही आधार पर भेजा जायेगा और आप इसे निम्न कार्यक्रम के अनुसार प्राप्त करते रहेंगे :

  • तिमाही1-जुलाई का अंतिम सप्ताह
  • तिमाही 2-अक्टूबर का अंतिम सप्ताह
  • तिमाही3- जनवरी का अंतिम सप्ताह
  • तिमाही 4-मई क अंतिम सप्ताह
क्या मैं ऑनलाइन भुगतान कर सकता हूं?

हां, आप www.mahindrafinance.comपर लॉग करते हुए ऑनलाइन निवेश कर सकते हैं।

पर्मानेंट अकाउंट नम्बर (पैन) जमा देने का महत्व क्या है?

आयकर अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, हर व्यक्ति जो ऐसी राशि या आय प्राप्त करता है जिससे कर काटा जायेगा, उसके लिए पैन की जानकारी उस व्यक्ति को देना ज़रूरी है जो आयकर काट रहा है। कृपया ध्यान दें कि यदि पैन की जानककारी जमा नहीं की गई तो फिर जमा कराये गये फॉर्म 15जी/एच या छूट के अन्य प्रमाणपत्र अवैध माने जायेंगे और आयकर प्रचलित उच्च दर पर काटी जाती है।

पैन नं. कार्ड की अनुपस्थिति में काटे गये कर का क्रेडिट फॉर्म 26 एएस में एनएसडीएल वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। साथ ही यदि पैन की जानकारी जमा नहीं की गई तो कम्पनी द्वारा कर काटने के लिए कोई टीडीएस टीआईएन वेबसाइट से तैयार नहीं किया जायेगा।

फिक्सड डिपॉज़िट कैलकुलेटर

क्या आप वरिष्ठ नागरिक हैं ?

कृपया चुनिये

नोटः- 0.25% वार्षिक का अतिरिक्त दर मिलेगा।

क्या आप महिन्द्रा समूह के कर्मचारी हैं ?

कृपया चुनिये

नोटः- 0.35% वार्षिक का अतिरिक्त दर मिलेगा।

कौन सा फिक्सड डिपॉज़िट ऑप्शन चुनेंगे ?

कृपया चुनिये
चुनिये
कृपया चुनिये
अमान्य राशि

आपका ब्याज की राशि है रुपये

डिस्क्लेमर:

प्रयुक्त गणना केवल उदाहरण के उद्देश्य से की गई है। सही जानकारी के लिये अपने नज़दीकी शाखा से संपर्क करें।

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