“मैं मुम्बई में 6 वर्षों तक एक टैक्सी चालक था। पर पैसे की ज़बर्दस्त तंगी ने मुझे अपना वतन छोड़ और जीविका के लिए सऊदी अरब जाने को मजबूर कर दिया। मैं वहां एक निजी कार चालक के रूप में काम करता था और अच्छी कमाई कर लेता था। पर वो पैसा मेरे लिये अपने वतन में कमाकर खाने की खुशी की नहीं खरीद सकता था।
पांच साल बाद मैंने घर लौटने का निर्णय किया। 1 लाख रुपये की अपनी बचत के साथ, मैंने हैदराबाद में स्क्रैप का धंधा शुरू किया। पर वो कुछ ज्यादा अच्छा नहीं चला और बिज़नेस में मेरा सारी लागात डूब गयी। मेरे आत्मविश्वास को ज़बर्दस्त झटका लगा और मैं वापस वहीं पहुंच गया जहां मैं था- एक साधारण टैक्सी चालक। पर दिल के किसी कोने में मुझे हमेशा ये विश्वास था कि जो कोशिश करते हैं, वे कभी असफल नहीं होते।
एक टैक्सी चालक के रूप में मैंने जो कुछ भी कमाया था, मैंने किसी तरह उसमें से रु. 60,000 बचाये और अल्फा लोड खरीदने के लिए महिन्द्रा फायनांस से थ्री-व्हीलर लोन लिया। और उनकी वजह से आज मैं एक थ्री-व्हीलर का मालिक हूँ। तब से मेरी कमाई भी बढ़ती गई और समाज़ में मेरी इज़्ज़त भी। आज, मुझे खुद पर पहले से अधिक विश्वास है और अब मेरी चाह है कि जैसे ही मेरे पहले वाहन का लोन चुक जायेगा, मैं दूसरा वाहन खरीद लूँगा।
अपनी जन्मभूमी को अपनी कर्मभूमि बनाने में मेरी मदद करने के लिए मैं महिन्द्रा फायनांस का शुक्रगुज़ार हूँ।”